#ChandradityaMandirBarsurDantewada #चन्द्रादित्यमंदिरबारसूर #byharshvermachhattisgarhrider
जगदलपुर से 75 किमी दूर और राष्ट्रीय राजमार्ग 16 पर स्थित चन्द्रादित्य मंदिर का निर्माण 11वीं सदी में नागवंशीय शासक धारा वर्ष के सामंत चन्द्रादित्य महाराज ने कराया था। नागवंशी राजा जगदेव भूषण, बारसूर में पाए गए संवत 983 (1061 ई।) के एक तेलुगु शिलालेख से स्पष्ट है।बारसूर दिनांक शेक संवत का एक शिलालेख। 983 तेलुगु लिपि में है, जिसमें महामंडलेश्वर चंद्रादित्य महाराज, नागवंशीय शासक ‘धवरवर्षा’ के सामंत प्रमुख हैं, गर्भगृह योजना पर आधारित है और सामने एक वर्गाकार खंभे के साथ खड़ा है। जंघा के भाग की बाहरी दीवारों में ब्रह्मा, अवतारों, विष्णु, प्रजापति दक्ष, उमा-महेश्वरा की छवि है और यह भी उल्लेखनीय उत्कृष्टता के लायक हैं। मंदिर का निर्माण प्रतीत होता है 11 वीं शताब्दी ईस्वी के दौरान ,तेलुगु चोद परिवार और अम्मा गाँव के प्रमुख थे। उन्होंने एक टैंक की खुदाई की और इस शिव मंदिर को अपने केंद्र में बनाया। उन्होंने राजाधिराज से एक गाँव खरीदा और मंदिर निर्माण के खर्च को पूरा करने के लिए इसे दान कर दिया।
वर्तमान में, चन्द्रादित्य मंदिर अपनी शानदार और आकर्षक वास्तुकला के साथ मध्यम स्थिति में है।तब से लेकर कुछ दशक पहले तक मंदिर परिसर में बलुआ पत्थर ही लगा हुआ था। मंदिर और परिसर के रिपेयरिंग के वक्त सेंड पत्थर से फ्लोर किया गया। इसके कारण यह पत्थर चन्द्रादित्य मंदिर के अनुरूप पर्यटकों को नहीं भा रहा था। चूंकि सदियों पहले निर्मित इस फ्लोर को मंदिर की वास्तुकला और रंग के अनुरूप बनाया गया था। ताकि मंदिर और परिसर की सुंदरता लोगों के दिमाग में एक पल में आ जाए। दशकों बाद एक बार फिर बारसूर स्थित चन्द्रादित्य मंदिर परिसर की असली फ्लोर पर्यटकों को नजर आएगी। यह फ्लोर बलुआ पत्थर से निर्मित है, जिसकी वास्तविकता और सुंदरता दशकों से छिपी हुई थी। इसे भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) के रायपुर मण्डल ने कुछ दिन पहले ही ढूंढ़ा है और वर्तमान पत्थर को निकालने का काम शुरू भी कर दिया है। इस तरह पर्यटकों को चन्द्रादित्य मंदिर परिसर अब प्राचीन रूप में नजर आएगी
Chhattisgarh Rider
This channel is aimed at showing you the ride and bike ride in all the districts of Chattisgarh and the living conditions of the city wherein I will go to the scenic spot of all the districts and tell about it, you will like my channel. Can comment and subscribe
Your friend
Harsh Verma
👉👉👉मोर वीडियो के लिंक नीचे में दे हवे संगवारी हो👇👇👇👇👇👇👇👇👇👇👇👇👇👇👇👇👇👇

https://youtu.be/zZ2qhkJ1VGU
🙏🙏जय जोहर🙏🙏
🙏जय छत्तीसगढ़🙏
🙏🙏मया दुलार बनाये रखहु 🙏🙏
🙏🙏Thanks for Watching🙏🙏
Esme Bhi Hu
-----------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------
Facebook :- https://www.facebook.com/Chhattisgarrider
Twitter : - https://twitter.com/Chhattisgarridr
Instagram :- https://www.instagram.com/chhattisgarhrider/
Yahha Bhi Hu
-----------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------
My Parsnol Facbook & Instagram & Twitter
Instagram : https://www.instagram.com/harshvermacgr
Facebook : -https://www.facebook.com/lovelyharsh143143
Twitter : -Twitter : - https://twitter.com/vermaharsh680
#चन्द्रादित्यमंदिरबारसूर
#चन्द्रादित्यमंदिर
#चन्द्रादित्यबारसूर
#chandradityamandir
#chandradityamandirbarsurdantewada
#chandradityatemple
#chandradityatemplebarsur
#chandradityamandirbarsur
#chandradityabarsur
#barsurtemples
#chandradityamandirdantewadabarsur
#chandradityamandir
#chandraditya
#chandradityamandir
#mandurbarsur
#ganeshtemple
#shivtemple
#shivmandirbarsur
#bastrtemples
#bastratourism
#chandradistya tempe barsur
#chandraditya Mandir Barsur
#Barsur
#dantewada
#cgrider
#chhattisgarhrider
#Raigarhcity #Raigarhdrone #droneshotraigarh #kirodimalnagar #Raigarh #chhattisgarh #Explorechhattisgarh #Cgrider#chhattisgarhrider #harshverma #raigarhtourism #churawanverma#pahadmandirraigarh #चन्द्रादित्यमंदिरबारसूर #चन्द्रादित्य मंदिर बारसूर
#chandradityamandir
#ganeshmandit barsur
#chandra Ditya Mandir
#barsur Chandraditya Mandir
#chandra Ditya Mandir Dantwada

Comments

Popular posts from this blog

बैताल रानी घाटी छत्तीसगढ़ का सबसे खतरनाक घाटी l baital rani ghati

कला का नायाब नमूना है “ओना-कोना” छत्तीसगढ़ के एक कोने में बसा है ये भव्य मंदिर, धमतरी जिले से लगभग 35-40 कि.मी. दूर NH-30 जगदलपुर रोड में स्थित है यह बालोद जिले के गुरुर विकासखंड के कोने में महानदी के तट पर स्थित है जहां पर गंगरेल बांध का डुबान क्षेत्र आता है यह गांव एक पहाड़ी के नीचे स्थित है यहां आने के लिए उबड़ खाबड़ रास्ते को पार करना पड़ता है वैसे तो यह जगह प्राकृतिक रूप से काफी खूबसूरत है गंगरेल बांध का डुबान क्षेत्र होने की वजह से यह और भी ज्यादा खूबसूरत लगता है यहां स्थानीय मछुआरों द्वारा बोटिंग की सुविधा भी आने वाले लोगों को दी जाती है, हाल ही में कुछ वर्षों से यह जगह यहां निर्मित हो रहे भव्य मंदिर के लिए काफी चर्चित है जिसे धमतरी के किसी व्यवसायी द्वारा बनाया जा रहा है, एक और बात है जो अधिकतर लोगों को नहीं पता होती गांव वालों के अनुसार यहां पर बहुत साल पहले सूफी संत (बाबा फरीद) आए थे उन्होंने यहां बैठ कर तपस्या की थी तब से यहां पर एक धुनी जलाई गई है, जो कि आज भी निरंतर गांव वालों के सहयोग से जल ही रही है कहते हैं यहां पर आने वाले और उनके मानने वाले लोगों की मुरादें पूरी होती है यहां पर एक मजार का भी निर्माण किया गया है जो की मंदिर के पास में ही लगा हुआ है यह जगह अब हमारे देश की गंगा जमुनी तहजीब की एक मिसाल पेश करता है#ओनाकोनामंदिरधमतरीछत्तीसगढ़ #OnaKonaMandirDhamtariChhattisgarh #DhamtariOnaKonaMandir #OnaKonaMandirChhattisgarh #Onakonamandircg #OnakonamandirChhattisgarh #onakonamandir #angarmotimandirgangrelDhamtari #DudhawaDamDhamtari #HasdeoBangoDamDhamtari #SondurDamDhamtari #cgrider #onakona mandir dhamtari #onakonamandirbalod#OnakonamandirBalod#Onakonatemple#Onakonamandir#OnakonaDhamtari #OnakonaDhmtari #OnakonaMnadirBalod#Onakonabalod #OnakonaMnadirbalod

माँ मड़वारानी मंदिर, कोरबा Maa Madwarani Mandir Korba Chhattisgarh By Harsh Verma Chhattisgarh Rider