नारंगी सेमल.....!गुलाबी फूलो से लदे हुए सेमल के वृक्ष राहगीरो को हर्षित करे रहे है। पत्ते विहिन सेमल पेड़ो पर खिले हुए गुलाबी पुष्प बसंत ऋतु की खुशियों में चार चांद लगा रहे है। बसंत ऋतु में फूलो का राजा यदि कोई है तो वह सेमल है। मुख्यतः दो रंगो के पुष्पों वाले सेमल पाये जाते है पहला है नारंगी और दुसरा गुलाबी। सेमल का एक तीसरा और प्रकार है वह पीला सेमल। बस्तर में अभी सर्वाधिक मात्रा में गुलाबी सेमल के वृक्ष बहुतायत मे देखने को मिलते है। नारंगी सेमल के वृक्ष बहुत कम शेष है।

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बैताल रानी घाटी छत्तीसगढ़ का सबसे खतरनाक घाटी l baital rani ghati

हमर छत्तीसगढ़िया संस्कृति प्रकृति के सम्मान अउ मनखे मन के एकरूपता के भावना म सनाय हे। एखरे एक तिहार भोजली हरय।सगवारी बनाये के तिहार हरे भोजली तिहार तिहार के एक ठन अउ रूप हे "मितानी याने मित्रता"।के दिन एक दूसर ल भोजली के पौधा दे के भोजली बदथे अउ जीवन भर दोस्ती निभाय के किरिया खाथे। मितान अउ मितानिन के तिहार हरे (छत्तीसगढ़ी फ्रेंडशिप के दिन ) भोजली ला मितान मितानिन बनाये बर एक दूसर के कान माँ भोजली के जो पेड़ रहिथे ओला खोंचथे अउ मितान मितानिन (मित्रता ) बन जाथे भोजली के मतलब होथे "भुंइया म जल हो" (भूमि में जल हो).एखर बर हमर छत्तीसगढ़िया बहिनी मन भोजली दाई (प्रकृति) के पूजा करथे। भोजली गेहूं के पौधा होथे जेला सावन के अंजोरी पाख के नवमी म बोथे अउ राखी के बिहान दिन भादो के पहिली दिन म विसर्जन करथे। बहिनी मन बढ़िया पानी गिरे के अउ बने फसल होय कइके भोजली कराथे।एला बहुत से गांव में आज बहुत बड़े तिहार के रूप में मनाये बर चालू कर दे हवे छत्तीसगढ़ राइडर कोती ले जम्मो छत्तिसगरिया मन ला भोजली तिहार के कोरी-कोरी शुभकामना।जय जोहर जय छत्तीसगढ़ जय भोजलि महतारी #Bhojalitihar #भोजलिमहतारी #भोजलीतिहार #bhojali #bhojalifestival #chhattisgarhfestivals #festivalschhattisgarh #cgrider #chhattisgarhrider#Chhattisgarh #Chhattisgarhiya #Chhattisgarhi #morbhuiyan_chhattisgarh #CGFestival #ChhattisgarhFestival #BhojaliTihar #mitan #mitanin #mitani #bhojalimata #bhojalimahtari

कला का नायाब नमूना है “ओना-कोना” छत्तीसगढ़ के एक कोने में बसा है ये भव्य मंदिर, धमतरी जिले से लगभग 35-40 कि.मी. दूर NH-30 जगदलपुर रोड में स्थित है यह बालोद जिले के गुरुर विकासखंड के कोने में महानदी के तट पर स्थित है जहां पर गंगरेल बांध का डुबान क्षेत्र आता है यह गांव एक पहाड़ी के नीचे स्थित है यहां आने के लिए उबड़ खाबड़ रास्ते को पार करना पड़ता है वैसे तो यह जगह प्राकृतिक रूप से काफी खूबसूरत है गंगरेल बांध का डुबान क्षेत्र होने की वजह से यह और भी ज्यादा खूबसूरत लगता है यहां स्थानीय मछुआरों द्वारा बोटिंग की सुविधा भी आने वाले लोगों को दी जाती है, हाल ही में कुछ वर्षों से यह जगह यहां निर्मित हो रहे भव्य मंदिर के लिए काफी चर्चित है जिसे धमतरी के किसी व्यवसायी द्वारा बनाया जा रहा है, एक और बात है जो अधिकतर लोगों को नहीं पता होती गांव वालों के अनुसार यहां पर बहुत साल पहले सूफी संत (बाबा फरीद) आए थे उन्होंने यहां बैठ कर तपस्या की थी तब से यहां पर एक धुनी जलाई गई है, जो कि आज भी निरंतर गांव वालों के सहयोग से जल ही रही है कहते हैं यहां पर आने वाले और उनके मानने वाले लोगों की मुरादें पूरी होती है यहां पर एक मजार का भी निर्माण किया गया है जो की मंदिर के पास में ही लगा हुआ है यह जगह अब हमारे देश की गंगा जमुनी तहजीब की एक मिसाल पेश करता है#ओनाकोनामंदिरधमतरीछत्तीसगढ़ #OnaKonaMandirDhamtariChhattisgarh #DhamtariOnaKonaMandir #OnaKonaMandirChhattisgarh #Onakonamandircg #OnakonamandirChhattisgarh #onakonamandir #angarmotimandirgangrelDhamtari #DudhawaDamDhamtari #HasdeoBangoDamDhamtari #SondurDamDhamtari #cgrider #onakona mandir dhamtari #onakonamandirbalod#OnakonamandirBalod#Onakonatemple#Onakonamandir#OnakonaDhamtari #OnakonaDhmtari #OnakonaMnadirBalod#Onakonabalod #OnakonaMnadirbalod