माँ सर्वमंगला देवी मंदिर संपूर्ण दर्शन |ड्रोन वीडियो| Maa Sarvamangala Mandir Korba By Harsh Verma


 माँ सर्वमंगला देवी मंदिर  कोरबा जिले के प्रसिद्ध मंदिर में से एक है। इस मंदिर की देवी दुर्गा है। यह मंदिर कोरेश के जमींदार में से एक राजेश्वर दयाल के पूर्वजों द्वारा बनाया गया था। मंदिर त्रिलोकिननाथ मंदिर, काली मंदिर और ज्योति कलाश भवन से घिरा हुआ है। वहाँ भी एक गुफा है, जो नदी के नीचे जाता है और दूसरी तरफ निकलता है। रानी धनराज कुंवर देवी को मंदिर में अपनी दैनिक यात्रा के लिए इस गुफा के लिए इस्तेमाल किया गया था।
सर्वमंगला मंदिर का इतिहास वैसे तो 122  साल पुराना है। जिसकी स्थापना सन् 1898 के आस पास मानी जाती है। लेकिन इससे भी सालों पुरानी यहां एक और चीज है।
वो है सूर्य देव के मनमोहक प्रतिमा के समीप स्थित वट वृक्ष, मंदिर के पुजारी अनिल पाण्डेय की मानें तो यह वट वृक्ष लगभग 500 वर्ष पुराना है। जैसा कि उनके पूर्वजों ने उन्हें बताया है।
इस वृक्ष की सबसे बड़ी खासियत है कि इसे मानोकामना पूरा करने वाला वृक्ष माना जाता है। पूर्व में इस वृक्ष के नीचे हाथी भी आकर विश्राम किया करते थे। इसके बाद पिछले कुछ वर्षों तक विशाल वट वृक्ष के झूले जैसे तनों पर मयूर भी आकर विश्राम व क्रीडा करते थे।
ऐसी मान्यता है कि इस वृक्ष की टहनियों में रक्षा सूत्र बांधकर मन्नत मांगने पर मनोकामना पूरी हो जाती है। यह मान्यता पिछले कई वर्षों से चली आ रही है। इस 500 साल पुराने वट वृक्ष की टहनियों से लेकर तने तक रक्षा सूत्र से बंधे हुए हैं। खासतौर से महिलाएं यहां बड़ी तादात में रक्षा सूत्र बांधकर मन्नता मांगती है।

वीडियो देखने के लिए लिंक पे क्लिक करे 

https://youtu.be/0inriBeTAzE


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