जय जोहार संगवारी हो मैं हर्ष आज मैं तुमनला लेकर चलत हव संगवारी हो रायगढ़ के सरिया ब्लॉक जहा पुजेरीपाली में केवटिन मंदिर या शिव मंदिर है यह छठीवि से सातवीं शताब्दी का मंदिर पाया गया है ओडिशा वार्डर से 4 किमी और सारंगढ़ से 36 किमी उत्तरपूर्व में है- पुजेरीपाली गांव, जहां 4 फीट ऊंची भगवान विष्णु की ग्रेनाइट की मूर्ति ने पुरातत्ववेत्ताओं का ध्यान आकृष्ट किया। इस क्षेत्र का सर्वेक्षण किया। इस दौरान जो प्रमाण मिले, उसने सभी को हैरत में डाल दिया है। एक विशाल टीले पर सातवाहन काल के मिट्टी के बर्तन, खिलौने, सिलबट्टे सतह पर ही बिखरे पड़े हैं। गांव वाले ही उन्हें उठा-उठाकर अपने घर में रखे हुए हैं। कुछ मूर्तियां भी स्थानीय लोगों के घरों में हैं। यहां विशाल शिव मंदिर है। यहीं पर सिरपुर में खुदाई में निकला विश्व प्रसिद्ध लक्ष्मण मंदिर जैसा ही एक लक्ष्मण मंदिर जमीन में दबा हुआ है, जो सातवीं शताब्दी का बताया जा रहा है। पुरातत्ववेत्ताओं की मानें तो यहां मंदिर ही मंदिर हैं, क्योंकि यह हिंदुओं और जैनियों का तीर्थ स्थल रहा है। इसी मंदिर के दक्षिण में एक और बड़े मंदिर के अवशेष हैं, जिसे गांववाले रानीझूला कहते हैं। दुर्भाग्य ही कहिए कि आज तक कोई भी विभागीय अफसर यहां नहीं पहुंचा, न ही किसी ने इस धरोहर को सहेजने की कोशिश की। यहां बड़े-बड़े स्तंभ टूटे पड़े हुए हैं। इसी मंदिर के गर्भ गृह में प्रवेश वाला द्वार सुरक्षित है। स्तंभों में हुई चित्रकारी के अनुसार मंदिर छठी शताब्दी में बनवाया गया होगा, ऐसा माना जा रहा है। जिसे लोग गोपाल मंदिर के नाम से जानते हैं। इस मंदिर का भी गर्भगृह सुरक्षित है, जिसमें शेषसायी विष्णु की मूर्ति है। ठीक वैसी ही जैसी, सिरपुर के लक्ष्मण मंदिर में स्थापित है।यह साइट दूसरी, सातवीं शताब्दी के अवशेष का भंडार है। पुरातत्ववेत्ताओं का दावा है कि पाण्डुवंशी काल में यह क्षेत्र सिरपुर का ही एक बड़ा केंद्र था। पुजेरीपाली में मिले गोपालदेव राजा के लेख में भारतवर्ष के जिन 11 तीर्थों के नाम हैं, उनमें पुजेरीपाली भी एक है। हालांकि इस साइट पर अभी तक खुदाई शुरू नहीं हुई।
गोपालदेव राजा द्वारा लिखवाया हुआ शिलालेख
रायपुर स्थिति महंत घांसीदास संग्रहालय में रखा एक शिलालेख कल्चुरीकालीन 11वीं शताब्दी का है, जिसे तत्कालीन राजा गोपालदेव ने लिखवाया था। इसी राजा का लिखवाया हुआ शिलालेख कवर्धा जिले के भोरमदेव के मांडवा महल से प्राप्त हुआ है। इन दोनों ही शिलालेखों को इतिहासकार डॉ. विष्णु शास्त्री ने पढ़ा है। ठीक वैसा ही शिलालेख पुजेरीपाली से भी मिला है, जिसमें राजा गोपालदेव ने भारतवर्ष के विभिन्ना तीर्थों के नाम दिए हैं, जिसमें पुजेरीपाली भी एक है।
तो दोस्तों कैसा लगा यह वीडियो मुझे कॉमेंट करके ज़रूर बताएँ और अपना प्यार हमेशा बनाए रखें

👉👉👉मोर वीडियो के लिंक नीचे में दे हवे संगवारी हो👇👇👇👇👇👇👇👇👇👇👇👇👇👇👇👇👇👇

https://youtu.be/HLpoXQodRQ0
Please subscribe my YouTube channel # chhattisgarh rider & thanks for watching this video I hope you enjoy it.
Lost World by SilentCrafter https://soundcloud.com/user-907904720
Creative Commons — Attribution 3.0 Unported — CC BY 3.0
Free Download / Stream: https://bit.ly/_lost-world
Music promoted by Audio Library https://youtu.be/2oRxLgoNpRs
Thanks to all for support & love. ☺
Chhattisgarh Rider
This channel is aimed at showing you the ride and bike ride in all the districts of Chattisgarh and the living conditions of the city wherein I will go to the scenic spot of all the districts and tell about it, you will like my channel. Can comment and subscribe
Your friend
Harsh Verma
🙏🙏जय जोहर🙏🙏
🙏जय छत्तीसगढ़🙏
🙏🙏मया दुलार बनाये रखहु 🙏🙏
🙏🙏Thanks for Watching🙏🙏
Don't forgeT To LikE CommenT SharE AnD SubscribE
Esme Bhi Hu (Follow My Page Yaroo.♥) लिंक नीचे में दे हवे संगवारी हो👇👇👇👇👇👇👇👇
-----------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------
Facebook :- https://www.facebook.com/Chhattisgarrider
Twitter : - https://twitter.com/Chhattisgarridr
Instagram :- https://www.instagram.com/chhattisgarhrider/
#केवटिनमंदिर
#शिवमंदिर
#पुजेरीपाली
#केवटिनमंदिरशिवमंदिरपुजेरीपाली
#केवटिनमंदिरपुजेरीपाली
#शिवमंदिरपुजेरीपाली
#Kevtinmandirpujeripali
#sariya
#pujeripali
#cgrider
#chhattisgarhrider
#shivmandirpujeripali
#kewtinmandirpujeripali
#Pujeripalisariya
#raigarh
#sarangarh
#Pujeripalisariya
#harshverma
#KewatindeulTemplePujeripali
#Kewatindeulmandir
#Kewtindeultemplesariyapujeripali
#KewatindeulTemple Pujeripali
#केवटिनमंदिर
#केवटिनमंदिरसरिया
#churawanverma

Comments

Popular posts from this blog

बैताल रानी घाटी छत्तीसगढ़ का सबसे खतरनाक घाटी l baital rani ghati

कला का नायाब नमूना है “ओना-कोना” छत्तीसगढ़ के एक कोने में बसा है ये भव्य मंदिर, धमतरी जिले से लगभग 35-40 कि.मी. दूर NH-30 जगदलपुर रोड में स्थित है यह बालोद जिले के गुरुर विकासखंड के कोने में महानदी के तट पर स्थित है जहां पर गंगरेल बांध का डुबान क्षेत्र आता है यह गांव एक पहाड़ी के नीचे स्थित है यहां आने के लिए उबड़ खाबड़ रास्ते को पार करना पड़ता है वैसे तो यह जगह प्राकृतिक रूप से काफी खूबसूरत है गंगरेल बांध का डुबान क्षेत्र होने की वजह से यह और भी ज्यादा खूबसूरत लगता है यहां स्थानीय मछुआरों द्वारा बोटिंग की सुविधा भी आने वाले लोगों को दी जाती है, हाल ही में कुछ वर्षों से यह जगह यहां निर्मित हो रहे भव्य मंदिर के लिए काफी चर्चित है जिसे धमतरी के किसी व्यवसायी द्वारा बनाया जा रहा है, एक और बात है जो अधिकतर लोगों को नहीं पता होती गांव वालों के अनुसार यहां पर बहुत साल पहले सूफी संत (बाबा फरीद) आए थे उन्होंने यहां बैठ कर तपस्या की थी तब से यहां पर एक धुनी जलाई गई है, जो कि आज भी निरंतर गांव वालों के सहयोग से जल ही रही है कहते हैं यहां पर आने वाले और उनके मानने वाले लोगों की मुरादें पूरी होती है यहां पर एक मजार का भी निर्माण किया गया है जो की मंदिर के पास में ही लगा हुआ है यह जगह अब हमारे देश की गंगा जमुनी तहजीब की एक मिसाल पेश करता है#ओनाकोनामंदिरधमतरीछत्तीसगढ़ #OnaKonaMandirDhamtariChhattisgarh #DhamtariOnaKonaMandir #OnaKonaMandirChhattisgarh #Onakonamandircg #OnakonamandirChhattisgarh #onakonamandir #angarmotimandirgangrelDhamtari #DudhawaDamDhamtari #HasdeoBangoDamDhamtari #SondurDamDhamtari #cgrider #onakona mandir dhamtari #onakonamandirbalod#OnakonamandirBalod#Onakonatemple#Onakonamandir#OnakonaDhamtari #OnakonaDhmtari #OnakonaMnadirBalod#Onakonabalod #OnakonaMnadirbalod

माँ मड़वारानी मंदिर, कोरबा Maa Madwarani Mandir Korba Chhattisgarh By Harsh Verma Chhattisgarh Rider