चित्र बहुत कुछ कहते हैं.......!

बस्तर के जनजातीय समाजो मे मृत्यु के बाद स्मारक स्थापित करने की परंपरा आदि काल से चली आ रही है. मृतक स्मारको के बहुत से प्रकार यहाँ प्रचलित है. आज कल पत्थर की पतली शिलाओ का उपयोग मृतक स्तम्भ बनाने के लिये किया जा रहा है. मृतक को दफ़नाने के बाद उसकी समाधि पर इन शिलाओ को स्मारक के रूप मे लगाया जाता है. इन शिलाओ पर मृतक की स्मृतियाँ, रोजमर्रा की चीजे, पशु पक्षी, पुरानी बाते, कल्पना से भी परे जीव जन्तु आदि के रंगीन चित्र उकेरे जाते है.

ये चित्र हजारो साल पुराने शैलचित्रो के समान ही है.जिसे आदिवासियो ने आज भी सहेज रखा है. पीढ़ी दर पीढ़ी ये चित्र हस्तांतरण होते रहते है. बाप दादाओ से सुने हुए किस्से भी इन चित्रो मे दिखायी देते है. ये चित्र प्राचीन शैल चित्रकला के जीवन्त उदाहरण है.

चित्रो से भरे ये मृतक स्मारक मृतक की जीवनी के साथ साथ कुछ पुराने किस्सो को भी दर्शाते हैं. ऐसी अनजानी कहानियों से भरे हुए बहुत से मृतक स्मारक बस्तर मे दिखाई पड़ते है. पहले तो श्मशान मे जाने से डर लगता था, अब जहाँ भी ये दिखते है तो इनकी फ़ोटो जरुर ले लेता हूँ. मैने तो इसमे एक चित्र पहचान कर बता दिया, आप इसे गौर देखिये, इसमे और क्या क्या चित्र बने हुए जरुर बताइये

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हमर छत्तीसगढ़िया संस्कृति प्रकृति के सम्मान अउ मनखे मन के एकरूपता के भावना म सनाय हे। एखरे एक तिहार भोजली हरय।सगवारी बनाये के तिहार हरे भोजली तिहार तिहार के एक ठन अउ रूप हे "मितानी याने मित्रता"।के दिन एक दूसर ल भोजली के पौधा दे के भोजली बदथे अउ जीवन भर दोस्ती निभाय के किरिया खाथे। मितान अउ मितानिन के तिहार हरे (छत्तीसगढ़ी फ्रेंडशिप के दिन ) भोजली ला मितान मितानिन बनाये बर एक दूसर के कान माँ भोजली के जो पेड़ रहिथे ओला खोंचथे अउ मितान मितानिन (मित्रता ) बन जाथे भोजली के मतलब होथे "भुंइया म जल हो" (भूमि में जल हो).एखर बर हमर छत्तीसगढ़िया बहिनी मन भोजली दाई (प्रकृति) के पूजा करथे। भोजली गेहूं के पौधा होथे जेला सावन के अंजोरी पाख के नवमी म बोथे अउ राखी के बिहान दिन भादो के पहिली दिन म विसर्जन करथे। बहिनी मन बढ़िया पानी गिरे के अउ बने फसल होय कइके भोजली कराथे।एला बहुत से गांव में आज बहुत बड़े तिहार के रूप में मनाये बर चालू कर दे हवे छत्तीसगढ़ राइडर कोती ले जम्मो छत्तिसगरिया मन ला भोजली तिहार के कोरी-कोरी शुभकामना।जय जोहर जय छत्तीसगढ़ जय भोजलि महतारी #Bhojalitihar #भोजलिमहतारी #भोजलीतिहार #bhojali #bhojalifestival #chhattisgarhfestivals #festivalschhattisgarh #cgrider #chhattisgarhrider#Chhattisgarh #Chhattisgarhiya #Chhattisgarhi #morbhuiyan_chhattisgarh #CGFestival #ChhattisgarhFestival #BhojaliTihar #mitan #mitanin #mitani #bhojalimata #bhojalimahtari

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