माँ मड़वारानी मंदिर, कोरबा Maa Madwarani Mandir Korba Chhattisgarh By Harsh Verma Chhattisgarh Rider


 


माँ मड़वारानी मंदिर, कोरबा से 18 कि.मी. एवं चांपा से 16 कि.मी. की दूरी पर कोरबा-चांपा हाइवे पर स्थित है |माँ मड़वारानी मंदिर, छत्तीसगढ ऱाज्य के कोरबा जिले में स्थित प्रसिद्ध मंदिर है एवं यहाँ के मूल निवासियों के द्वारा माँ मड़वारानी की आराधना की जाती है और उनके श्रद्धा एवं आस्था का प्रतीक हैं और यह माना जाता है की माँ मड़वारानी स्वयं प्रकट होकर आस-पास के गावों की रक्षा करती हैं | माँ मड़वारानी मंदिर, मड़वारानी पहाड़ की चोटी पर कलमी पेड़ के नीचे स्थित है | माँ मड़वारानी मुख्य मंदिर, मड़वारानी पहाड़ के सबसे ऊँची चोटी पर गहरी खाई के समीप कलमी पेड़ के नीचे स्थित है | ऐसा कहा जाता है की एक कलमी वृक्ष के कट जाने के बाद माँ मड़वारानी अपने चार बहनों के साथ वहाँ आई और अपनी शक्ति को वहाँ रखे पाँच पत्थरों में समाहित कर दिया, जिन्हे आज पिंडी रूप में पूजा जाता है |  माँ मड़वारानी की कहानी माँ मड़वारानी की कहानी की ऐतिहासिक है और ऐसा बुजुर्गों द्वारा आँखों देखी मानी जाती है | ऐसा माना जाता है क़ि माँ मड़वारानी अपने शादी के मंडप (मड़वा) को छोड़ कर आ गयी थी | इसी दौरान बरपाली-मड़वारानी रोड में उनके शरीर से हल्दी एक बड़े पत्थर पर गिरी और वह पत्थर पीला हो गया | माँ मड़वारानी के मंडप से आने के कारण गाँव और पर्वत को मड़वारानी के नाम से जाना जाने लगा | दूसरी प्रसिद्ध कहानी यह है कि माँ मड़वारानी भगवान शिव से कनकी मे मिली एवं मड़वारानी पर्वत पर आई | माँ मड़वारानी संस्कृत में "मांडवी देवी" के नाम से जानी जाती है | यह माना जाता है क़ि कुछ ग्राम वासियों द्वारा देखा गया कि कलमी वृक्ष एवं उसके पत्तियों में हर नवरात्रि को जवा उग जाता है और एक सर्प उसके आस पास विचरण करता है और आज भी कभी-कभी दिखाई पड़ता है | ऐसा माना जाता है कि एक दूसरे कलमी पेड़ में मीठे पानी का श्रोत था जो हमेशा बहता रहता था | पर एक दिन एक ग्रामीण पानी लेते समय अपना बर्तन खो दिया और उसने पेड़ को काटकर देखा पर उसे अपना बर्तन नहीं मिला |


तो दोस्तों कैसा लगा यह वीडियो मुझे कमेंट करके जरूर बताएं और अगर आप मेरे चैनल में नए हैं तो चैनल को सब्सक्राइब करना ना भूले और बैल आइकन में बटन दबा दें ताकि मेरे वीडियो सबसे पहले आपको मिले औरअपना प्यार हमेशा बनाए रखें


क्या अपने देखा हमारा नई वीडियो निचे लिंक दिया है आप पूरा वीडियो देख सकते है 

👇👇👇👇👇👇👇👇👇👇👇

https://youtu.be/UgCafLNNeQg 




#माँमड़वारानीमंदिरकोरबा  #mandwaranimandir #madwaranitemplekorba #mamandwaranitemplekorbajanjgirchampa #temple #korba #janjgirchampa #mandwarani #मड़वारानीमंदिरकोरबा #मड़वारानीमंदिर #मड़वारानी #माँमड़वारानीमंदिर  #madwaranimandirkorba #korbatemple #explorekorba #cgrider #chhattisgarhrider #harshverma #माँमड़वारानीपहाङऊपरकलमीपेङ

Comments

Popular posts from this blog

बैताल रानी घाटी छत्तीसगढ़ का सबसे खतरनाक घाटी l baital rani ghati

हमर छत्तीसगढ़िया संस्कृति प्रकृति के सम्मान अउ मनखे मन के एकरूपता के भावना म सनाय हे। एखरे एक तिहार भोजली हरय।सगवारी बनाये के तिहार हरे भोजली तिहार तिहार के एक ठन अउ रूप हे "मितानी याने मित्रता"।के दिन एक दूसर ल भोजली के पौधा दे के भोजली बदथे अउ जीवन भर दोस्ती निभाय के किरिया खाथे। मितान अउ मितानिन के तिहार हरे (छत्तीसगढ़ी फ्रेंडशिप के दिन ) भोजली ला मितान मितानिन बनाये बर एक दूसर के कान माँ भोजली के जो पेड़ रहिथे ओला खोंचथे अउ मितान मितानिन (मित्रता ) बन जाथे भोजली के मतलब होथे "भुंइया म जल हो" (भूमि में जल हो).एखर बर हमर छत्तीसगढ़िया बहिनी मन भोजली दाई (प्रकृति) के पूजा करथे। भोजली गेहूं के पौधा होथे जेला सावन के अंजोरी पाख के नवमी म बोथे अउ राखी के बिहान दिन भादो के पहिली दिन म विसर्जन करथे। बहिनी मन बढ़िया पानी गिरे के अउ बने फसल होय कइके भोजली कराथे।एला बहुत से गांव में आज बहुत बड़े तिहार के रूप में मनाये बर चालू कर दे हवे छत्तीसगढ़ राइडर कोती ले जम्मो छत्तिसगरिया मन ला भोजली तिहार के कोरी-कोरी शुभकामना।जय जोहर जय छत्तीसगढ़ जय भोजलि महतारी #Bhojalitihar #भोजलिमहतारी #भोजलीतिहार #bhojali #bhojalifestival #chhattisgarhfestivals #festivalschhattisgarh #cgrider #chhattisgarhrider#Chhattisgarh #Chhattisgarhiya #Chhattisgarhi #morbhuiyan_chhattisgarh #CGFestival #ChhattisgarhFestival #BhojaliTihar #mitan #mitanin #mitani #bhojalimata #bhojalimahtari

माँ सर्वमंगला देवी मंदिर संपूर्ण दर्शन |ड्रोन वीडियो| Maa Sarvamangala Mandir Korba By Harsh Verma